शनिवार 10 जनवरी 2026 - 10:35
ईरान मे दंगा, 12 दिव्सीय युद्द मे शर्मनाक नाकामी की भरपाई की कोशिश

हौज़ा / इजराइली सरकार ने 13 जून 2025 को इस्लामी गणतंत्र ईरान पर ऐसा हमला किया जिसके बारे मे खुद उसके अधिकारियो का कहना था कि इस हमले के लिए 20 वर्षो से तय्यारी की गई थी।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, इजराइली सरकार ने इस युद्ध मे ईरान के फौज़ी कमांडरो, परमाणु वैज्ञानिको, आम लोगो, महिलाओ और बच्चो सहित 1000 से अधिक ईरानीयो को शहीद किया।

इजराइली सरकार और इस्लामी गणतंत्र ईरान के शत्रुओ ने इस हमले से बड़ी उम्मीदे रखी थी लेकिन जब ईरानी मीसाइलो ने तेल अबीब और हैयफ़ा पर दस्तक दी और ईरानी जनता ने अपनी सरकार का विरोध के बजाय, भरपूर समर्थन किया तो इजराइली अधिकारियो के होश ठिकाने लग गए और वह युद्ध विराम के लिए हाथ पैर मारने लगे।

आज कल ईरान मे होने वाले दंगो की खुलकर समर्थन करने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प 12 दिव्सीय युद्ध मे इजराइल की पराजय के आसार देख कर आगे आए और नेतनयाहू को बचाने के लिए ईरान की परमाणु केंद्रो पर बमबारी की और युद्ध विराम की मांग की ईरान ने कतर मे आतंकवादी अमेरिकी फ़ौजी अड्डे पर मीसाइल की बारिश करने के बाद युद्द विराम स्वीकार कर लिया।

ایران میں بلوا ، 12روزہ جنگ کی ناکامی کی تلافی کی کوشش ہے

ईरानी मीसाइलो ने ज़ायोनी अधिकारीयो के होश ठिकाने लगा दिए थे।

ज़ायोनी सरकार ने 12 दिव्सीय युद्ध के बाद अमेरिका की सहायता से निरंतर यह प्रयास किया कि ईरान पर युद्ध के बादल मंडलाते रहे और ईरानी मीसाइलो को चोट से बिलबिलाते हुए निरंतर यह घोषणा की कि युद्ध अभी समाप्त नही हुआ है।

ज़ायोनी सरकार ने 12 दिव्सीय युद्ध की पराजय के लगभग 6 महीनो बाद अंतः कुछ दिन पहले ईरान के खिलाफ़ अमेरिका की सहायता से और ईरान मे उपस्थित अपने एजेंटो के सहारे युद्ध का दूसरा चरण शुरू किया।  

ज़ायोनी सरकार ने महंगाई के खिलाफ़ ईरानी जनता के कानूनी प्रदर्शन का लाभ उठाया और यह प्रदर्शन जब दंगे मे बदलने लगे तो जनता ने खुद को अलग कर लिया और मैदान मे ज़ायोनी एजेंट आ गए जिन्होने गुरूवार की रात तेहरान और ईरान के दूसरे कई शहरो मे बैंको, सरकारी सम्पत्ति, जनता के घरो, गाडीयो, फायर ब्रगेड की गाड़ीयो, मस्जिदो, पवित्र स्थान और इसी तरह म्यूंसिपिलटी की बसो पर आतंकवादी हमले किए। यह सभी हमले इजराइलीयो की ओर से प्रशिक्षित आतंकवादीयो के हाथो किए गए ।

माहेरीन का ख्याल है कि बीती रात तेहरान और दूसरे शहरो मे आतकंवादी समूहो के हाथो जो कुछ हुआ वह हक़ीक़त मे ईरान के खिलाफ 12 दिव्सीय युद्ध का दूसरा चरण है क्योकि पहले चरण मे इस्लामी गणतंत्र ईरान के मीसाइलो की गरज ने इजराइलीयो को शर्मनाक शिकस्त दी।

ایران میں بلوا ، 12روزہ جنگ کی ناکامی کی تلافی کی کوشش ہے

ईरानी मिसाइलो ने इजराइल मे तबाही मचा दी थी

ईरान के खिलाफ़ इजराइली सरकार की युद्ध के पहले चरण मे जिस तरह ईरानी मिसाइलो ने उसे उसकी औक़ात याद दिलाई थी इसी तरह इस चरण मे भी ईरानी जनता, षडयंत्र कारीयो और आंतकवादीयो को मुह तोड़ जवाब देगी और इस का सिलसिला शुरू हो चुका है।

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